भारत बनाएगा अपने सुपर कंप्यूटर, अभी ये देश हैं इस तकनीक में माहिर

मंत्रालय के सचिव आशुतोष शर्मा का कहना है कि इस साल के अंत तक यह काम पूरा करने की योजना है। उनका कहना है कि तीसरे चरण तक पूरा सिस्टम भारत में ही बनाना शुरू कर दिया जाएगा।


24th July 2017 | CyberManch.com

मोदी सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत अब सुपर कंप्यूटर का निर्माण अपने देश में किया जाएगा। 45 सौ करो़ड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में त्रिस्तरीय कार्यक्रम के तहत तकनीक पर काम होगा। नेशनल सुपर कंप्यूटर मिशन के तहत पहले दो चरणों में इनकी डिजाइन, सब सिस्टम के निर्माण का काम किया जाएगा। कैबिनेट ने पिछले साल मार्च में इसे मंजूरी दी थी।

इस योजना को सेंटर फॉर डेवलपमेंट आफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डीएसी) पुणे क्रियान्वित करेगा। मिशन के तहत पचास सुपर कंप्यूटर की परिकल्पना तैयार की गई है। इन्हें वैज्ञानिक शोध के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विज्ञान व तकनीकी मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक मिलिंद कुलकर्णी का कहना है कि पहले चरण में छह सुपर कंप्यूटर बनाने की योजना है। पहले चरण में तीन सुपर कंप्यूटर विदेश से मंगवाए जाएंगे। बाकी के तीन का साजोसामान विदेश में बनेगा, अलबत्ता इसे असेंबल भारत में किया जाएगा। इन्हें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, कानपुर, हैदराबाद व ख़़डगपुर की आईआईटी के साथ पुणे व बेंगलुर के संस्थानों को उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्रालय के सचिव आशुतोष शर्मा का कहना है कि इस साल के अंत तक यह काम पूरा करने की योजना है। उनका कहना है कि तीसरे चरण तक पूरा सिस्टम भारत में ही बनाना शुरू कर दिया जाएगा। भारत में सुपर कंप्यूटर मिशन 1988 में शुरू किया गया था। इसके तहत परम का निर्माण किया गया था, लेकिन दस बाद यह जब खत्म हुआ तो उपलब्धि के नाम पर ज्यादा कुछ हासिल नहीं हो सका। अभी भारत में 25 सुपर कंप्यूटर हैं। इन्हें मौसम, जलवायु परिवर्तन व नाभिकीय प्रतिक्रियाओं का पता लगाने के काम में लगाया गया है। अभी तक अमेरिका, चीन, जापान व योरपीय संघ के देश इस तकनीक में माहिर हैं।