अफगानिस्तान में डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के योगदान की सराहना की, पाकिस्तान को दी चेतावनी


22nd August 2017 | CyberManch.com

 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को समाप्त करने के लिए अफगानिस्तान से बलों की जल्दबाजी में वापसी से मंगलवार को इनकार कर किया और पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि वह आतंकवादी समूहों को पनाहगाह मुहैया कराना जारी रखता है तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप ने युद्धग्रस्त देश अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने में भारत से और योगदान देने की अपील की और साथ ही उसके अब तक तक के योगदान को भी सराहा.

ट्रंप ने कमांडर इन चीफ के रूप में देश को संबोधित करते हुए दक्षिण एशिया के बारे में अपनी नीति के बारे में बताया और कहा कि इसका अहम हिस्सा भारत के साथ रणनीतिक साझीदारी को और विकसित करना है. इस संबोधन का प्रसारण प्राइम टाइम में टेलीविजन पर किया गया.

अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत से अपील की कि वह अफगानिस्तान में शांति एवं स्थिरता लाने के लिए, विशेषकर आर्थिक क्षेत्र में और योगदान दे. उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत अमेरिका का अहम सुरक्षा एवं आर्थिक साझीदार है. ट्रंप ने कहा, ‘हम अफगानिस्तान में स्थिरता लाने में भारत के अहम योगदान की प्रशंसा करते हैं, लेकिन भारत अमेरिका के साथ व्यापार से अरबों डॉलर कमाता है और हम चाहते हैं कि वह अफगानिस्तान के संबंध में, खासकर आर्थिक सहयोग एवं विकास के क्षेत्र में हमारी और मदद करे.’

उन्होंने कहा कि ‘समग्र समीक्षा’ के बाद यह निर्णय लिया गया कि अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया में अमेरिकी रणनीति में नाटकीय बदलाव आएगा. ट्रंप ने कहा कि वह अफगानिस्तान से अपने बलों को वापस बुलाना चाहते थे लेकिन महीनों की वार्ता के बाद उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि ‘जल्दबाजी में वहां से आने के परिणाम अस्वीकार्य होंगे और इनका पूर्वानुमान भी लगाया जा सकता है’. इससे एक खालीपन पैदा हो जाएगा जिसे आतंकवादी शीघ्र भर देंगे.

ट्रंप ने आतंकवादी समूहों को समर्थन देना जारी रखने के लिए पाकिस्तान की निंदा की और उसे चेतावनी दी कि यदि वह ऐसा करना जारी रखता है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.